CTET Latest News,नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है जिसमें कुछ शिक्षक भर्तियों में सीटेट सर्टिफिकेट की मान्यता पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह फैसला शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है।
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सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सीटेट सर्टिफिकेट केवल उन्हीं शिक्षक भर्तियों में मान्य होगा, जो केंद्रीय विद्यालय और संबंधित संस्थानों के अंतर्गत आती हैं। राज्य स्तरीय या निजी शिक्षण संस्थानों में इसके उपयोग पर रोक लगाई गई है।

किन भर्तियों में नहीं होगा सीटेट सर्टिफिकेट मान्य?
भर्ती प्रक्रिया | मान्यता की स्थिति |
---|---|
केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) | मान्य |
नवोदय विद्यालय समिति (NVS) | मान्य |
राज्य शिक्षक भर्तियां | अमान्य |
निजी शिक्षण संस्थान | अमान्य |
क्या होगा इसका असर?
- शिक्षक उम्मीदवारों पर:
उम्मीदवारों को राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) पास करना अनिवार्य होगा। - शिक्षण संस्थानों पर:
शिक्षण संस्थानों को भर्ती प्रक्रिया में संशोधन करने होंगे। - शिक्षा व्यवस्था पर:
शिक्षा में गुणवत्ता सुधार की संभावना बढ़ेगी।
महत्वपूर्ण बिंदु:
- सुप्रीम कोर्ट का आदेश तुरंत प्रभाव से लागू।
- राज्य सरकारों को नई भर्ती प्रक्रिया का खाका तैयार करना होगा।
- उम्मीदवारों को अब राज्य स्तरीय परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान देना होगा।
CTET और STET में अंतर
विशेषता | CTET | STET |
---|---|---|
मान्यता | राष्ट्रीय स्तर | राज्य स्तर |
परीक्षा प्राधिकरण | CBSE | राज्य शिक्षा बोर्ड |
वैधता अवधि | 7 वर्ष | राज्य बोर्ड द्वारा निर्धारित |
FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: क्या CTET सर्टिफिकेट अब पूरी तरह अमान्य हो गया है?
Ans: नहीं, यह केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय जैसी केंद्रीय संस्थाओं के लिए मान्य रहेगा।
Q2: क्या राज्य शिक्षक भर्तियों के लिए कोई नया पात्रता प्रमाणपत्र चाहिए होगा?
Ans: हां, राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) अनिवार्य होगी।
Q3: इस आदेश का शिक्षा व्यवस्था पर क्या प्रभाव होगा?
Ans: यह आदेश शिक्षा गुणवत्ता सुधार में सहायक हो सकता है क्योंकि इससे राज्य स्तर पर योग्य शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित होगी।
इस फैसले ने शिक्षण जगत में हलचल मचा दी है। शिक्षक उम्मीदवारों को इस बदलाव के लिए तैयार रहना होगा और राज्य स्तरीय परीक्षाओं पर अधिक ध्यान देना होगा।